23.7k Members 49.8k Posts

मुसाफिर हूँ यारो

मुसाफिर हूँ मैं यारो।।
ये देश है बेगाना।।
कब राह होगी खत्म
पता हो तो बताना।।

बांधता हूँ पुल रोज मैं ।
करूं मंज़िलों की खोज मैं ।
पर अनजान मुझको
कदम ही है बढ़ाना।।
मुसाफिर हूँ मैं यारो।।
ये देश है बेगाना।।

जिंदा हूँ मैं यह होश है।
कुछ कर्मों पे अफसोस है।
फिर भी जानबूझ के
माया से ठगते जाना।।
मुसाफिर हूँ मैं यारों।।
ये देश है बेगाना ।।

ठोकर लगे है हर कदम।।
पास दिखे न वो सनम।।
सोचते-सोचते ही
चला हूँ मैं दिवाना।।
मुसाफिर हूँ मैं यारो ।।
ये देश है बेगाना ।।

सुखी हूँ या कि रूठा हूँ ।
इंसान नहीं झूठा हूँ ।
अंजाम हो कुछ मगर
कर्मवीर है कहलाना।।
मुसाफिर हूँ मैं यारो ।।
ये देश है बेगाना ।।
।।मुक्ता शर्मा ।।

Like 10 Comment 4
Views 18

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
Mukta Tripathi
Mukta Tripathi
Batala distt Gurdaspur
23 Posts · 2k Views
कल्पना के बादल विचारों के परिंदे उड़ान भरतेहैं, हम मस्त मुसाफिरपरिंदे बस यूँही सफर करतेहैं...