कविता · Reading time: 1 minute

“मुनि”

जिसका दुनिया से कोई नाता नही
जिसको कुछ भी भाता नहीं
और बैंक मे उसके कोई खाता नहीं
उसे कहते है मुनि।।
जिसकी कोई कनिया नही
हो वो कोई बनिया नहीं
और खाता वो बुनिया नही
उसे कहते हैं मुनि।।
जिसकी हमेशा धीमी हो ध्वनि
हो बहुत ही ज्यादा गुणी
और उसके पास ना हो कोई मनी
उसे कहते हैं मुनि।।
पर आजकल के मुनियों के
क्या ही कहने,
है बड़े बड़े बंगले
और पहनते है गहने।।
ऐसे मुनियों से खुद को
रखें हमेशा दूर,
नही तो आपको लूट के
हो जाएंगे वो फुर्र।।

मौलिक
Kn

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