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“मुझे लौटा दो”

सन्दीप कुमार 'भारतीय'

सन्दीप कुमार 'भारतीय'

कविता

July 6, 2016

मेरी नींदें मुझे लौटा दो,
मेरे ख्वाब मुझे लौटा दो,
खो गया हूँ मैं अजनबी राहों में,
मेरी मंजिल मुझे लौटा दो,
मेरा संगीत मुझे लौटा दो,
मेरा साज मुझे लौटा दो,
गुम हो गयी है जो,
वो मेरी आवाज मुझे लौटा दो,
मेरी रोशनी मुझे लौटा दो,
मेरी बाती मुझे लौटा दो,
रोशन हो मेरा आशियाना,
मेरा चराग मुझे लौटा दो,
मेरा कल मुझे लौटा दो,
मेरा आज मुझे लौटा दो,
उड़ सकूँ खुले आसमान में,
मेरी परवाज मुझे लौटा दो,
मेरी हँसी मुझे लौटा दो,
मेरी मुस्कुराहट मुझे लौटा दो,
खुद से ही अजनबी हो रहा हूँ,
हो सके तो मुझे खुद को लौटा दो।

“सन्दीप कुमार”

Author
सन्दीप कुमार 'भारतीय'
3 साझा पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं | दो हाइकू पुस्तक है "साझा नभ का कोना" तथा "साझा संग्रह - शत हाइकुकार - साल शताब्दी" तीसरी पुस्तक तांका सदोका आधारित है "कलरव" | समय समय पर पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित होती... Read more
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