शेर · Reading time: 1 minute

मुझे मेरे ही पास रहने दे

मुझे मेरे ही पास रहने दो ,मेरी बेहतरी के लिए।
माना कि तू मशहूर है ,अपनी कारीगरी के लिए।
तूने कोशिश की तमाम कि मैं बिखर जाऊँ,
पर तूं ढूंढ न पाया कुछ ,मेरी किरकिरी के लिए।
-सिद्धार्थ

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