मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुझे बस मां की चिंता है

…………..मुक्तक…..
…………….1……..
ना जन्नत की ख्वाहिश है ,तमन्ना ना खजानें की ।
मुझे कोई शिकला दे, अदा मां को मनानें की ।।
जो मां रूठे तो रब रूठे ,सांस भी रूठ सी जातीं।
मुझे तो मां की परवाह है ,ना परवाह है जमानें की।।
……….2……….
नहीं मां से कोई बढ़कर, दूसरी चीज दुनिया में ।
मिली ये स्वर्ग सी धरती, मां के कारण ही दुनिया में ।।
ना छल है कोई कपट ,ना कोई लोभ और लालच।
दुःख सहकर सोंपती सुख, बच्चों को मां दुनिया में।।
==========मदर्स- डे की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
डॉ. नरेश कुमार “सागर”
========9149087291

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