मुझे तुम याद आती हो ।

मैं सोता रहता हूं अक्सर मुझे तुम याद आती हो ,
मेरी ख़्वाबो में चुपके से आकर यूँ गले लगाती हो ।
चाँद, तारे सब नाराज है मुझसे ,
तुम जो कभी चाँद बन कर मेरे पास आ जाती हो ।
तुम्हारी जुल्फ की सायो में खुद को रोक न पाया ,
अब तो तुम दूर भी रहो तो मुझे खबर आ जाती है ।
ये इश्क़ , मोहब्बत सब नाकाम है मगर ,
तुम्हारे आते ही सब कुछ आसान हो जाती है ।
:-हसीब अनवर

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