मुझे तुमसे प्यार है बहुत

जानेमन मुझे तुमसे प्यार है बहुत,
तेरे बिन दिल ये बेकरार है बहुत.

ख़फा न हो तुम मुझसे मेरी नाजनीं,
तेरे आने से ये दिल गुलज़ार है बहुत.

मेरी दिलरुबा तुमने हर बार सम्भाला,
तेरी दूवाओं की मुझे दरकार है बहुत.

बातें मैं करता हूँ सभी से हँसकर ही,
बाकी मेरी जिंदगी में किरदार है बहुत.

मुकम्मल हुई कितनों को उन्हें गिन लो,
बाकी तो यहां इश्क के बीमार है बहुत.

भूला नहीं पाओगे तुम दूर होकर भी,
तेरे लौटने के मुझे आसार है बहुत.

दिल चाहता इसी वक्त तेरे पास आऊं,
वादे से हम अपने ही लाचार है बहुत.

राह-ए-इश्क से’ देव’ दूर नहीं जाऊंगा,
माना वफ़ा का रास्ता दुश्वार है बहुत.
__देवांशु

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