.
Skip to content

मुझमे है तू …….

Shankki Sharma

Shankki Sharma

गीत

July 25, 2016

सोचु जो तुझे तो एक ख्वाईश सी लगती हो
मेरे लम्हों की इंतेहा नुमाइश सी लगती हो

मेरे तन्हाई के साथी सितारों सी लगती हो
एक नही दो नही मुझे हज़ारो में लगती हो

गरीब को जो मिले उस खाने सी लगती हो
शराबी को जो नचाये मयखाने सी लगती हो

बारिश की मीठी फुहार ठण्डी बूंदों सी लगती हो
प्यासे को मुश्किल से मिले वो दो बूंदों सी लगती हो

मेरी धड़कन हो तुम
रातो की तड़पन हो तुम
दिन का उजाला तुम
इश्क निराला तुम
मेरी जित में तुम
मेरी हार में तुम
मेरे लफ़्ज़ हो तुम
इज़हार भी तुम
मेरी शक्ति भी तुम
मेरी भक्ति भी तुम
मेरे राज़ भी तुम
माथे सजे ताज भी तुम
मेरे खयालो में तुम
उलझे सवालो में तुम
जो कभी न हो शांत
वो ब्वालो में तुम
मेरे अपनों में तुम
शैंकी के सपनो में तुम

Author
Shankki Sharma
Hii My Name Is Shankki Sharma And I'm 20 Years Old. I Love Writing. I'm Not A Writer I'm Just A Society Observer. Then I Give Words To My Feelings. ❤♥❤✌
Recommended Posts
उनकी अब्र सी नफरत
उनकी नफरत भी मुझे अब्र सी लगती है, उनकी बेरुखी मुझे मीठा सब्र सी लगती है, वो कितना भी छुपाये मुझसे अपना राज़ेदिल, उनकी फ़िक्र... Read more
ठिकाना ढूँढती बहती हवा सी लगती हूँ
ठिकाना ढूँढती बहती हवा सी लगती हूँ ज़िंदगी से नहीं खुद से खफ़ा सी लगती हूँ मुझ में बस गई है आकर किस ज़ोर से... Read more
ज़िन्दगी कभी-कभी अजनबी सी लगती है...
अपनी होकर भी, ना जाने क्यूँ.... किसी और की लगती है.... ये ज़िन्दगी कभी कभी…. हाँ.....कभी-कभी अजनबी सी लगती है..... धड़कता तो है दिल अपने... Read more
ज़िंदगी  धुआँ -धुआँ  शाम  सी  लगती है
ज़िंदगी धुआँ -धुआँ शाम सी लगती है हर बात खास मुझे आम सी लगती है तन्हाइयों के घर मुझे छोड़ गया वो रोशनी भी अब... Read more