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मुझको क्यो तड़पाती हो

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

गज़ल/गीतिका

January 24, 2017

तुम मेरे सपनो मे आकर,
मुझको क्यो तड़पाती हो|
हसती हंसती पास आकर,
मुझको बहुत सताती हो||

गालो को सहलाती मेरे,
मुझको दिल से लगाती हो|
कभी कभी मुस्काती  यारा,
कभी कभी इठलाती हो||

सपने मे जुल्फे फैलाकर,
गोद मे मुझे सुलाती हो|
कृष्णा तेरे प्यार मे पागल,
उसको को क्यो ठुकराती हो||

कृष्णकांत गुर्जर

Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
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