मुक्तक

पानी बहुत अधिक गहरा होता है रेगिस्तान में।
मृग मनुज दोनो ही दौड़ते मरीचिका के भान में।
लेकिन जल की लुभावनी प्रतिछवि देती केवल मौत –
ऐसे ही छला जाता वह रहता नहीं है ध्यान में।
-लक्ष्मी सिंह

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