23.7k Members 50k Posts

मुक्तक

शमा की तेज़ लौ होते धुआँ तो हो ही जाता है,
करो जब फ़ायदे का काम ज़ियाँ तो हो ही जाता है,
नतीजे के लिए बैठे रहे हम उम्र भर यारों
कहाँ समझे कि पहले इम्तिहाँ का दौर आता है।

1 Like · 2 Views
jwala jwala
jwala jwala
Singrauli
497 Posts · 4.5k Views
kavyitri
You may also like: