मुक्तक

दर्द तन्हा रातों की कहानी होते हैं।
तड़पाते हालात की रवानी होते हैं।
कभी होते नहीं जुदा यादों के सिलसिले-
दौरे-आज़माइश की निशानी होते हैं।

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Like Comment 2
Views 13

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share