.
Skip to content

मुक्तक

ईश्वर दयाल गोस्वामी

ईश्वर दयाल गोस्वामी

मुक्तक

November 12, 2016

कहना मेरा मानो , तो कोई बात बने ।
कुछ करने की ठानो, तो कोई बात बने।
यूँ तो पहचानते हैं,लोग यहाँ लोगों को ,
पर तुम खुद को जानो,तो कोई बात बने।

Author
ईश्वर दयाल गोस्वामी
-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार... Read more
Recommended Posts
कोई बात बने
कोई बात बने ------------------ मोम के पिघलने का सदियों से रहा है दस्तूर कोई पत्थर अब पिघला तो कोई बात बने ऐसा भी नही कि... Read more
तिवारी की तेवरी
गले मुफलिस को लगाओ तो कोई बात बने , लोक का धर्म निभाओ तो कोई बात बने !! भरा हो पेट तो खाने को पूछती... Read more
मुक्तक
संकट मे कोई साथ दे , ऐसा होता कहाँ मदद पर कोई आ जाए , ऐसा होता कहाँ ना टुटे आत्म बल डोरी कभी अपनी... Read more
एहसास
दिल से दिल मिले तो बात बने मिले सुकून यह हालात बने समझे मिरा वजूद इस तरहा उन में वह एहसासात बने हर आंसु की... Read more