मुक्तक

कहना मेरा मानो , तो कोई बात बने ।
कुछ करने की ठानो, तो कोई बात बने।
यूँ तो पहचानते हैं,लोग यहाँ लोगों को ,
पर तुम खुद को जानो,तो कोई बात बने।

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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02...
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