मुक्तक · Reading time: 1 minute

अमलतास

हल्दी चढ़ी दुल्हन सरीखी सुशोभित डाल है
चंदन सी सुनहरी मुस्कुराहट भी कमाल है
पवन छू -छू कर करे शरारत गुलों से देखो
ग्रीष्म में भी अमलतास का सौंदर्य मिसाल है।

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