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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

February 12, 2018

जब कभी तुम मेरी यादों में आते हो!
धूप सा ख्यालों को हरबार जलाते हो!
घुल जाती हैं साँसें चाहत के रंग में,
चाँद की शकल में सामने आ जाते हो!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
From: वाराणसी
#महादेव
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