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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

December 14, 2017

तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ!
तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ!
डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में,
मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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