Jul 24, 2016 · मुक्तक
Reading time: 1 minute

मुक्तक

चिराग जल रहें हैं रोशनी की ख्वाहिश में
किसी को क्या पता है दर्द क्या नुमाइश में
हमें पता है इश्क का मुकाम क्या होगा
हमें तो आ रहा है लुत्फ आज़माईश में

23 Views
Copy link to share
Manas mishra
8 Posts · 366 Views
A poet by birth...A CA by profession... View full profile
You may also like: