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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

December 8, 2017

मेरे गम को मेरा ठिकाना मिल जाता है!
तेरे ख्यालों का आशियाना मिल जाता है!
जब दिल को सताती है प्यास तमन्नाओं की,
मेरी तिश्नगी को मयखाना मिल जाता है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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