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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

December 3, 2017

होते ही सुबह तेरी तस्वीर से मिलता हूँ!
तेरी तमन्नाओं की जागीर से मिलता हूँ!
नजरों को घेर लेता है यादों का समन्दर,
चाहत की बिखरी हुई तकदीर से मिलता हूँ!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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