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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

November 18, 2017

होते ही शाम तेरी प्यास चली आती है!
मेरे ख्यालों में बदहवास चली आती है!
उस वक्त टकराता हूँ गम की दीवारों से,
जब भी यादों की लहर पास चली आती है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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