Nov 4, 2017 · मुक्तक
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मुक्तक

मैं तुमको प्यार इसतरह करता रहूँगा!
तुमको अपनी साँसों में भरता रहूँगा!
तेरे लिए ही जिन्दा है मेरी जिन्दगी,
तेरे लिए ही बार-बार मरता रहूँगा!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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MITHILESH RAI
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