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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

October 10, 2017

जब हमारा किसी से रिश्ता टूट जाता है!
प्यार का हाथों से गुलिस्ताँ छूट जाता है!
हम खोजते हैं मंजिलें वफाओं की लेकिन,
रास्तों में वक्त का फरिश्ता रूठ जाता है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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