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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

October 8, 2017

मैं तेरी तमन्ना को छोड़कर आया हूँ!
मैं दर्द की बंदिश को तोड़कर आया हूँ!
मैं भूल गया हूँ मंजिलें राह-ए-इश्क की,
अश्कों के तूफान को मोड़कर आया हूँ!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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