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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

October 5, 2017

अभी रिश्ता दिलों का धड़कनों में चलने दो!
अभी #शामे_तन्हाई को रात में ढलने दो!
कभी तो मिलेगा हमें भी रास्ता मंजिल का,
रोशनी उम्मीद की बेखौफ सा जलने दो!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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