Skip to content

मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

September 22, 2017

तेरी चाहत दिल में हरदम रहेगी!
करवटें तन्हाई की हरदम सहेगी!
बेशुमार गम हैं तेरी बेरुखी के,
तेरी याद अश्कों से हरदम बहेगी!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Share this:
Author
MITHILESH RAI
#महादेव
Recommended for you