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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

September 14, 2017

तेरी आँखों में झील सी गहरायी है!
तेरी अदाओं में कैद अंगड़ायी है!
जबसे देख लिया है तेरे रुखसार को,
तेरी जिगर में तस्वीर उतर आयी है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Author
MITHILESH RAI
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