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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

August 11, 2017

आओ फिर से एक बार नादानी हम करें!
नजरों में तिश्नगी की रवानी हम करें!
जागी हुई है दिल में चाहत की गुदगुदी,
आओ फिर से जख्मों की कहानी हम करें!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव

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