23.7k Members 50k Posts

मुक्तक

तेरे लिए हम तन्हा होते चले गये!
तेरे लिए हम खुद को खोते चले गये!
पास जब भी आयी है यादों की चुभन,
तेरी ही चाहत में रोते चले गये!

#महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं’

5 Views
MITHILESH RAI
MITHILESH RAI
वाराणसी
502 Posts · 4.4k Views
Books: आगमन संदल सुगंध जीवंत हस्ताक्षर #मिथिलेश_राय_की_मुक्तक_रचनाऐं सफ़रनामा मधुबन(काव्य संग्रह) मधुशाला(काव्य संग्रह) अनुभूति (काव्य संग्रह)...
You may also like: