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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

July 18, 2017

कोई खौफ़ नहीं है मरने से मुझको!
दामन में अश्कों के बिखरने से मुझको!
क्या रोकेगी तन्हाई शामों-सहर की,
जिन्दगी भर इंतजार करने से मुझको!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

Author
MITHILESH RAI
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