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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

July 13, 2017

कभी वक्त से हारा हूँ कभी हालात से!
कभी दर्द से हारा हूँ कभी जज्बात से!
मैं जीत जाता हर बाजी चाहत की मगर,
मैं हारा हूँ तेरी बेरुखी की बात से!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

Author
MITHILESH RAI
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