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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

July 9, 2017

तेरी याद में हम रो भी लेते हैं!
तेरे लिए गमजदा हो भी लेते हैं!
जब रंग सताता है तेरे हुस्न का,
खुद को मयकदों में खो भी लेते हैं!

रचनाकार-#मिथिलेश_राय’

Author
MITHILESH RAI
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