गाहे-बगाहे

अनुबंध में बंध कुछ चाहे कुछ अनचाहे
झेलने पड़ते वे सभी गाहे – बगाहे
पग-पग समझोते का ही है नाम ज़िन्दगी
मानव मन उसे दिल से चाहे या न चाहे।
^^^^^^शारदा मदरा^^^^^

2 Views
poet and story writer
You may also like: