मुक्तक · Reading time: 1 minute

कलम अलबेली

कलम अलबेली मेरी सहेली, साथ सदा रहती
मेरे दिल की ये धड़कन इसे हर बात मैं कहती
खिला देती कागज़ के फूल, भरती रंग अनेक
कभी श्रृंगार, वीर, रौद्र कभी करुणा धार बहती।

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