जोड़-तोड़

जोड़-तोड़, कर जुगाड़, संवार बिगाड़ यही संसार
शैशव में शिशु भी करता यही , सीखने का आधार।
घटा-गुणा के चक्कर में पड़ी है देखो दुनिया सारी
जप तू राम-नाम सरस, ले अपना जीवन भी’ संवार।

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