मुक्तक · Reading time: 1 minute

हनुमंत

संकट मोचन हनुमंत, शत शत तुझे प्रणाम
श्रद्धा से ध्याऊँ तुझे, पूर्ण कीजे सब काम
दुःख की छाया न पड़े, करूँ यही कामना
मंगलमूर्ति हे प्रभुवर, आओ मेरे धाम ।

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