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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

June 10, 2017

जख्म मिट गया है मगर मौजूद तेरी निशानी है!
गुजरे हुए हालात की मौजूद तेरी कहानी है!
राह देखता रहता हूँ अब भी शामों-सहर तेरी,
मेरी धड़कनों में हरपल दर्ज तेरी रवानी है!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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