मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

जब भी ख्यालों में यादों की लहर आती है!
#दर्द की बेचैनी में रात गुजर जाती है!
अश्कों में घुल जाता है ख्वाबों का आशियाँ,
मेरी जिन्दगी को तन्हाई तड़पाती है!

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

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Books: आगमन संदल सुगंध जीवंत हस्ताक्षर #मिथिलेश_राय_की_मुक्तक_रचनाऐं सफ़रनामा मधुबन(काव्य संग्रह) मधुशाला(काव्य संग्रह) अनुभूति (काव्य संग्रह) साहित्य उदय (काव्य संग्रह) भाव कलश (काव्य संग्रह-आगमन) शब्दों की उड़ान (काव्य संग्रह) नीलाम्बर आदि
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