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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

June 5, 2017

तुम मेरी चाहतों में हरवक्त बेशुमार हो!
तुम मेरी धड़कनों में आ जाते हर बार हो!
अब मुश्किल बहुत है रोकना तेरे सुरूर को,
तुम मेरी निगाहों में ठहरा हुआ खुमार हो!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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