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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

June 3, 2017

कबतक तेरी याद में तड़पता मैं रहूँ?
कबतक तेरी चाह में तरसता मैं रहूँ?
डूबा हूँ मैं कबसे पैमानों में मगर,
कबतक तेरे दर्द से गुजरता मैं रहूँ?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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