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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

May 18, 2017

कैसे कहूँ कि अब तुमसे प्यार नहीं रहा!
कैसे कहूँ कि तेरा इंतजार नहीं रहा!
हरपल करीब होती है तेरी जुस्तजू,
कैसे कहूँ कि तेरा तलबगार नहीं रहा!

#महादेव_की_कविताऐं’

Author
MITHILESH RAI
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