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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

May 10, 2017

यूँ ही दर्द हमें राहों में कबतक मिलेंगे?
हम खौफ के सन्नाटों में कबतक चलेंगे?
कदम आरजू के कभी रुकते नहीं मगर,
हम शाम की तन्हाई में कबतक जलेंगे?

मुक्तककार- #महादेव’

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव
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