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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

April 15, 2017

तेरा ख्याल जख्म के रंगों से भर गया है!
रूठे हुए नसीब की आहट से डर गया है!
यादों की जंजीर से जकड़ी है जिन्द़गी,
चाहत की जुत्सजू से तन्हा मुकर गया है!

मुक्तककार- #महादेव'(25)

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Author
MITHILESH RAI
#महादेव

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