मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

बंद हैं आँखें मगर कुछ बोलती रहती हैं!
राह तमन्नाओं की कुछ खोलती रहती हैं!
जिन्दा है तेरी आरजू मेरे जेहन में,
दर्द की लहरें जिगर में डोलती रहती हैं!

मुक्तककार- #महादेव'(25)

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