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सुख दुख

Sharda Madra

Sharda Madra

मुक्तक

June 16, 2016

छोटा दुख पर्वत सा लगता,सुख का कोई नाप नहीं
सुख दुख में यदि सम होंगे हम होगा फिर संताप नहीं
ज्ञान से आलोकित हो यदि पथ, रहे जीवन में उजास
कोयले में हीरे ढूंढ लो होगा पश्चाताप नहीं।

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Author
Sharda Madra
poet and story writer
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