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मुक्तक

MITHILESH RAI

MITHILESH RAI

मुक्तक

March 19, 2017

कभी जिन्दगी खुशी का पैगाम देती है!
कभी जिन्दगी ख्वाबों का सलाम देती है!
रस्म की जंजीरें हैं राहों में हरतरफ,
ख्वाहिशों को जख्मों का ईनाम देती है!

मुक्तककार- #महादेव’ (24)

Author
MITHILESH RAI
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