मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

झूठ किरदार से हम हुए बोर हैं
वो नचाते कई इश्क़ के मोर हैं
हम शराफत के’ पथ पर चले हैं सदा
इस लिए इश्क में आज कमज़ोर हैं

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मैं शाहजहांपुर, (उत्तर प्रदेश) से हूँ। वर्तमान में नोयडा के एक प्राइवेट सेक्टर, में कार्यरत हूँ। लेखन करना एवं सीखना मेरा जुनून है। अपने इर्द गिर्द जो देखता हूँ उसे…
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