मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

धड़कनों में वही एक हलचल हुई
इश्क़ की दास्ताँ सब मुक़म्मल हुई
दो दिलों का मिलन आज ऐसे हुआ
वो कलंकित कथा नेह निर्मल हुई

अदम्य

1 Like · 51 Views
Like
You may also like:
Loading...