मुक्तक

मुक्तक

बादल बरसता है जीवन तरसता है
घनश्याम आ जाओ नयैन तरसता है

जपते जाओ मन ही मन में राधा-रानी
हार न पाओगे तुम, मन में राधा-रानी
शीला गहलावत सीरत
चण्डीगढ़

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