मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

न मैं गीत लिखता न ही गजल न कविता खास लिखता हूँ,
छू जाये जो दिल को मेरे चैन औ खटास लिखता हूँ।
सीमा पर सैनिक दे पहरा और महफूज हम सारे,
सलामी रखी है जो दिल में वही जो पास लिखता हूँ।।

–अशोक छाबडा

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