मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुक्तक

दिल की बात दिल में रह जाती है
हर जुल्मो सितम को सह जाती है
पढ सको तो चेहरे पढ़ा करो न
खामोशी बहुत कुछ कह जाती है।

जरूरी नहीं मानना किसी की बात हमेशा,
एक सा नहीं रहता कभी हालात हमेशा,
किसी का बस नहीं चलता है वक्त के आगे
सुकूनभरी नींद नहीं देती रात हमेशा।

नूर फातिमा खातून नूरी
जिला-कुशीनगर‌‌‌

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